आरएसएस प्रमुख ने गुरुकुल शिक्षा को मुख्यधारा में शामिल करने पर दिया जोर
नयी दिल्ली: 28 अगस्त (भाषा) राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत ने गुरुकुल शिक्षा को मुख्यधारा की शिक्षा के साथ जोड़ने का आह्वान करते हुए बृहस्पतिवार को कहा कि गुरुकुल शिक्षा का मतलब आश्रम में रहना नहीं बल्कि देश की परंपराओं के बारे में सीखना है।
आरएसएस के सौ साल पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित समारोह के दौरान एक सवाल पर भागवत ने कहा कि वह संस्कृत को अनिवार्य बनाने के पक्ष में नहीं हैं, लेकिन देश की परंपरा और इतिहास को समझना महत्वपूर्ण है। भागवत ने यह भी कहा कि वह प्रौद्योगिकी और आधुनिक शिक्षा के खिलाफ नहीं हैं और यह लोगों के हाथ में है कि वे इन दोनों का उपयोग किस प्रकार करते हैं।
(स्रोत: पी० टी० आई० "भाषा")
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